एलएनटी परिसर में ऐसे चलती है पाठशाला हालांकि दौर बहुत बुरा है।खासकर उन युवाओ के लिए , जो संसाधन की कमी से जूझ रहे हैं। आंखों में कैरियर के ऊंचे सपने हैं, लेकिन तंगी के कारण मुकम्मल इंतजाम नहीं जुटा पा रहे हैं। कुछ ऐसी ही परिस्थिति में सबसे बेहतर खोज होती है, कुछ बड़ा मुकाम मिलता है या नई सोच पैदा होती है। किसी ऐसे ही संयोगवश 1993 को वसंतपंचमी के दिन एक संस्था सर्व (s.e.r.v.e) soci ety for education and reconstruction by voluntary efforts की सथापना हुई। उद्देश्य: Serve क्रिकेट खेलने वाले तीन दोस्तों ने शुरू किया। उद्देश्य था जमाने से कदमताल मिलाने के लिए अंग्रेजी बोलने व सीखने का। प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने का। संस्थापक : SERVE के संस्थापक आनंद कुमार धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलने व ग्रामर सीखने की ललक ने क्रिकेट टीम को स्वाध्याय करने वालों की टीम बना दिया। इसमें योगदान रहा आनंद कुमार उर्फ बबलू जी का, आप अभी मुशहरी के माणिक विशुनपुर चांद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं, दूसरे कृष्ण कुमार झा जी का, आप अभी सेंट्रल कस्टम विभाग में अधीक्षक हैं, तीसरे, सनत भारद्वा...
हम सभी को इस मंच से जोड़ने के लिए आभार 🙏🙏🙏
जवाब देंहटाएंहार्दिक शुभकामनाएं
जवाब देंहटाएंआपका सादर आभार इस मंच को साझा करने के लिए एवम हमे एक धागे में पिरोने के लिए।
जवाब देंहटाएंShandaar
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